सेमीकंडक्टर जगत में भारत की बड़ी छलांग: पीएम मोदी ने ‘सेमीकॉन इंडिया 2026’ में वैश्विक बाजार के लिए खोले नए रास्ते

सेमीकंडक्टर जगत में भारत की बड़ी छलांग: पीएम मोदी ने ‘सेमीकॉन इंडिया 2026’ में वैश्विक बाजार के लिए खोले नए रास्ते

भारत अब बनेगा ग्लोबल चिप हब: पीएम मोदी का बड़ा विजन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित ‘सेमीकॉन इंडिया 2026’ के पांचवें संस्करण का भव्य उद्घाटन करते हुए भारत की तकनीकी प्रगति का शंखनाद किया। इस अवसर पर उन्होंने गर्व के साथ कहा कि भारत में निर्मित सेमीकंडक्टर चिप्स अब न केवल घरेलू बाजार, बल्कि वैश्विक ग्राहकों तक अपनी पहुंच बना रही हैं। पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था और वैश्विक स्तर पर देश की बढ़ती साख, दोनों ही सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत की मजबूत स्थिति का प्रमाण हैं। उन्होंने हालिया तिमाही GDP की 7.8% वृद्धि और जापान द्वारा भारत की सॉवरेन रेटिंग में किए गए ऐतिहासिक अपग्रेड का भी उल्लेख किया, जो पिछले 35 वर्षों में पहली बार हुआ है।

सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 और AI पर विशेष ध्यान

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने सेमीकंडक्टर मिशन के दूसरे चरण की शुरुआत की घोषणा की, जिसके लिए $13.5 बिलियन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत का लक्ष्य केवल चिप निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि सिलिकॉन फोटोनिक्स और कंपाउंड सेमीकंडक्टर जैसी उन्नत तकनीकों को अपनाकर AI (Artificial Intelligence) के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है। पीएम ने कहा कि भारत अब एक ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ की तरह तेजी से आगे बढ़ रहा है, जहाँ सरकार पॉलिसी, फंडिंग और रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के माध्यम से विदेशी कंपनियों और भारतीय स्टार्टअप्स के बीच सहयोग के नए रास्ते खोल रही है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कंपनियों से अपील की कि वे भारत के उभरते डिजाइन फर्म्स और स्टार्टअप्स के साथ मिलकर काम करें।

वैश्विक दिग्गजों का जमावड़ा और भविष्य की रणनीति

सेमीकॉन इंडिया 2026 में दुनिया भर की दिग्गज कंपनियों जैसे टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, माइक्रॉन, एएसएमएल और एनएक्सपी की भागीदारी ने इस आयोजन की महत्ता को दर्शाया है। इस प्रदर्शनी में 52 देशों के प्रतिनिधि और 600 से अधिक प्रदर्शक शामिल हैं। सरकार ने अब तक 12 महत्वपूर्ण सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है, जिनमें से तीन इकाइयों में व्यावसायिक उत्पादन (Commercial Production) शुरू हो चुका है। चिप डिजाइन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए 400 से अधिक शैक्षणिक संस्थानों को EDA टूल्स उपलब्ध कराए गए हैं। सरकार का अंतिम उद्देश्य एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार करना है जो चिप डिजाइन से लेकर पैकेजिंग तक की पूरी सप्लाई चेन को भारत के भीतर ही सशक्त बना सके, जिससे वैश्विक आयात पर निर्भरता कम हो सके।