‘100% टैरिफ ही असली तोहफा है’: पीएम मोदी के जन्मदिन पर अमेरिकी दूतावास की बधाई पर भड़के भारतीय यूजर्स

‘100% टैरिफ ही असली तोहफा है’: पीएम मोदी के जन्मदिन पर अमेरिकी दूतावास की बधाई पर भड़के भारतीय यूजर्स

पीएम मोदी के जन्मदिन पर अमेरिकी दूतावास की पोस्ट ने सोशल मीडिया पर मचाया बवाल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर अमेरिकी दूतावास द्वारा दी गई शुभकामनाओं ने सोशल मीडिया पर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। एक्स (X) प्लेटफॉर्म पर अमेरिकी दूतावास ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से पीएम मोदी को जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की। हालांकि, इस औपचारिक बधाई संदेश के आते ही भारतीय यूजर्स ने इसे बेहद नकारात्मक तरीके से लिया और अमेरिका की हालिया व्यापारिक नीतियों पर तीखा हमला बोला।

‘बधाई के बजाय टैरिफ पर ध्यान दें’: यूजर्स का तीखा पलटवार

सोशल मीडिया पर यूजर्स का गुस्सा इस बात को लेकर है कि एक तरफ अमेरिका शुभकामनाओं का आदान-प्रदान कर रहा है, वहीं दूसरी ओर भारत पर भारी आर्थिक दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। कई नेटिजन्स ने तंज कसते हुए लिखा कि ‘100% टैरिफ और भारतीय-अमेरिकियों पर हमलों के बीच यह जन्मदिन की बधाई कैसी?’। एक यूजर ने तो अमेरिका को सीधे तौर पर ‘बुरा देश’ करार देते हुए कहा कि उनकी शुभकामनाओं का कोई महत्व नहीं है, क्योंकि अमेरिका ने हाल ही में भारत पर भारी टैरिफ थोपकर कड़ा रुख अपनाया है। यूजर्स का तर्क है कि ऐसी स्थिति में केवल औपचारिक बधाई देना विरोधाभासी है।

भू-राजनीतिक तनाव और भारत का कड़ा रुख

यह विवाद केवल सोशल मीडिया की बहस तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरे कूटनीतिक और आर्थिक कारण भी छिपे हैं। हाल ही में अमेरिकी प्रतिनिधि सभा द्वारा ‘लिंडसे ओ. ग्राहम अधिनियम, 2026’ को मंजूरी दी गई है, जो रूस और ईरान पर कड़े प्रतिबंध लगाने से संबंधित है। इस घटनाक्रम के बीच, भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। मंत्रालय ने कहा है कि भारत अपने 140 करोड़ नागरिकों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। भारत सरकार ने अमेरिकी कांग्रेस द्वारा रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने वाले कानून के पारित होने का संज्ञान लिया है और इस पूरे मामले पर बारीकी से नजर रखी जा रही है।