आतंकी नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई: सैफुल्ला के खिलाफ वारंट जारी
जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकी गतिविधियों के विरुद्ध अपना अभियान तेज करते हुए लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के कुख्यात कमांडर सैफुल्ला के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (Non-Bailable Warrant) जारी किया है। जांच में यह बात सामने आई है कि सैफुल्ला का सीधा संबंध पहलगाम हमले सहित घाटी में हुई कई बड़ी आतंकी वारदातों से है। सुरक्षा बलों की इस सख्त कार्रवाई से आतंकी मॉड्यूल के संचालकों के बीच हड़कंप मच गया है।
खुफिया जानकारी के अनुसार, सैफुल्ला मूल रूप से पाकिस्तान के कसूर जिले के चंगा मांगा गांव का निवासी है। वह अपनी पहचान छिपाने और कानून की नजरों से बचने के लिए आतंकी नेटवर्क के भीतर कई छद्म नामों का सहारा लेता रहा है। सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि उसे साजिद जट्ट, अली भाई, हबीबुल्लाह मलिक, लंगड़ा, नूमी, नुमान, उस्मान हबीब और शानी जैसे विभिन्न उपनामों से पहचाना जाता है। वह पिछले दो दशकों से अधिक समय से आतंकी गतिविधियों में सक्रिय रहकर नेटवर्क को मजबूत करने का काम कर रहा है।
इस वारंट के जारी होने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अब उसके नेटवर्क और संभावित ठिकानों को ट्रैक करने में जुटी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सैफुल्ला जैसे पुराने और अनुभवी कमांडरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई घाटी में आतंकवाद की कमर तोड़ने के लिए अत्यंत आवश्यक है। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे और गिरफ्तारियां देखने को मिल सकती हैं, जिससे सीमा पार से संचालित होने वाले आतंकी तंत्र पर और अधिक दबाव बढ़ेगा।

