मानसून का तांडव: उत्तराखंड में भूस्खलन और भारी बारिश का संकट, बिहार में बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त

मानसून का तांडव: उत्तराखंड में भूस्खलन और भारी बारिश का संकट, बिहार में बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त

देशभर में मानसून की सक्रियता: कहीं भारी बारिश तो कहीं भीषण गर्मी

देश के विभिन्न हिस्सों में मानसून की सक्रियता ने मौसम के मिजाज को पूरी तरह बदल दिया है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश सहित छह राज्यों में गुरुवार को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। राजस्थान के सीकर सहित सात जिलों में बारिश का सिलसिला जारी रहा, वहीं श्रीगंगानगर में ओलावृष्टि ने लोगों को परेशान किया। बीकानेर संभाग में मौसम के दोहरे रंग देखने को मिले; जहाँ एक ओर बारिश हुई, वहीं दूसरी ओर गर्मी ने भी अपना असर दिखाया। झुंझुनूं के पिलानी में तापमान 40.2°C और बीकानेर में 39.4°C दर्ज किया गया, जिससे उमस और गर्मी का प्रकोप बढ़ गया है।

बिहार में बाढ़ का कहर और उत्तराखंड में लैंडस्लाइड की चुनौती

प्राकृतिक आपदाओं का सबसे गंभीर रूप बिहार में देखने को मिल रहा है, जहाँ 15 जिलों की लगभग 50 लाख की आबादी बाढ़ की विभीषिका झेल रही है। राज्य में बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुँचा है; करीब 100 सड़कें पूरी तरह बह गई हैं, जबकि सैकड़ों अन्य सड़कें क्षतिग्रस्त या आंशिक रूप से टूटी हुई हैं। दूसरी ओर, उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में भी स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। देहरादून में तेज बारिश के साथ-साथ पिथौरागढ़ के आदि कैलाश यात्रा मार्ग पर भूस्खलन (landslide) की घटना हुई है। बुधवार दोपहर को सड़क पर भारी मलबा और बोल्डर आने के कारण यात्रा मार्ग को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है।

झारखंड में जनहानि और हिमाचल में कम दृश्यता

मौसम की मार केवल बाढ़ और भूस्खलन तक सीमित नहीं है; झारखंड में बिजली गिरने की एक दुखद घटना में एक महिला समेत तीन लोगों की मौत हो गई है। हिमाचल प्रदेश के शिमला में भी गुरुवार सुबह मौसम का मिजाज बदला हुआ दिखा, जहाँ भारी बारिश के कारण विजिबिलिटी (visibility) 20 मीटर से भी नीचे गिर गई, जिससे आवाजाही में कठिनाई हुई। मौसम विभाग ने आने वाले समय के लिए भी सावधानी बरतने की सलाह दी है, क्योंकि मानसूनी बादलों की स्थिति अभी भी काफी सक्रिय बनी हुई है।