उत्तराखंड भाजपा का ‘मिशन 2027’: अक्टूबर में होगा विधायकों का फाइनल सर्वे, 6 कड़े पैमानों पर तय होगा टिकटों का गणित

उत्तराखंड भाजपा का ‘मिशन 2027’: अक्टूबर में होगा विधायकों का फाइनल सर्वे, 6 कड़े पैमानों पर तय होगा टिकटों का गणित

मिशन 2027 की तैयारी: दिवाली से पहले भाजपा का बड़ा दांव

उत्तराखंड की सियासत में हलचल तेज हो गई है क्योंकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) अपने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए ‘मिशन 2027’ की रणनीति तैयार करने में जुट गई है। पार्टी का लक्ष्य राज्य में सत्ता की हैट्रिक लगाना है, और इसके लिए चुनावी तैयारियों का खाका खींचना शुरू कर दिया गया है। इस मिशन के तहत, भाजपा दिवाली से पहले यानी अक्टूबर महीने में राज्य के विधायकों के प्रदर्शन का एक निर्णायक और अंतिम सर्वे कराने जा रही है। यह सर्वे केवल एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि उन विधायकों के लिए अग्निपरीक्षा होगी, जो दोबारा टिकट की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

6 कड़े मानक: ऐसे परखा जाएगा विधायकों का दम

भाजपा के आलाकमान ने इस सर्वे को बेहद सटीक बनाने के लिए 6 महत्वपूर्ण बिंदु (parameters) निर्धारित किए हैं। इन मानकों के आधार पर ही तय किया जाएगा कि क्षेत्र में किसका प्रभाव मजबूत है और किसे पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। सर्वे के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • जनता में लोकप्रियता: संबंधित विधानसभा क्षेत्र में विधायक की व्यक्तिगत लोकप्रियता का स्तर।
  • स्वीकार्यता: स्थानीय जनता के बीच विधायक की स्वीकार्यता और छवि।
  • कार्यकर्ता समन्वय: पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं और विधायक के बीच आपसी तालमेल और सामंजस्य।
  • कामकाज का फीडबैक: क्षेत्र में किए गए विकास कार्यों और जन-हितैषी योजनाओं का फीडबैक।
  • जीतने की संभावना: यदि मौजूदा विधायक को दोबारा टिकट मिलता है, तो चुनाव जीतने की सांख्यिकीय संभावना।
  • नए चेहरों की संभावना: यदि टिकट बदला जाता है, तो नए संभावित उम्मीदवार की क्षमता और प्रभाव।
  • गौरतलब है कि भाजपा पहले ही एक प्रारंभिक सर्वे करा चुकी है, जिसमें लगभग एक दर्जन विधायकों का प्रदर्शन काफी कमजोर पाया गया था। अब यह फाइनल सर्वे रिपोर्ट सीधे पार्टी हाईकमान को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर अंतिम निर्णय लिए जाएंगे।

    रणनीति का केंद्र: हारी हुई सीटें और सीएम धामी का फैक्टर

    भाजपा की यह चुनावी रणनीति केवल मौजूदा विधायकों तक सीमित नहीं है, बल्कि पार्टी उन 23 सीटों पर भी विशेष ध्यान दे रही है, जो 2023 के विधानसभा चुनावों में भाजपा के हाथ से निकल गई थीं। पार्टी का लक्ष्य इन सीटों पर नए और ऊर्जावान चेहरों के माध्यम से पकड़ मजबूत करना है। वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की बढ़ती लोकप्रियता भाजपा के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट मानी जा रही है। जहाँ एक ओर कांग्रेस इसे भाजपा के खिलाफ माहौल बताकर हमलावर है, वहीं भाजपा इस सर्वे और संगठनात्मक मजबूती के जरिए 2027 के लिए एक अभेद्य किला तैयार करने की कोशिश में है।