उत्तराखंड के चमोली जिले से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां सड़क की किल्लत के कारण ग्रामीणों को खुद ही फावड़े, गेती और कुदाल उठाकर रास्ता बनाने के लिए मजबूर होना पड़ा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले का तत्काल संज्ञान लिया है। सीएम ने ग्रामीणों की इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई करने और सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय (Coordination) के साथ त्वरित कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता गांवों का विकास और ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने निर्देश दिए कि सड़क निर्माण की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए और आगामी तीन माह के भीतर इस कार्य को पूरा करने की दिशा में तेजी से काम किया जाए। सीएम धामी ने जोर देकर कहा कि शासन-प्रशासन को दूरस्थ क्षेत्रों में सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सुविधाओं के लिए काम करते समय संवेदनशीलता और तत्परता दिखानी होगी, ताकि विकास का लाभ धरातल पर गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।
मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद प्रशासन हरकत में आया है और राजस्व, वन तथा लोक निर्माण विभाग (PWD) की एक संयुक्त टीम ने ग्राम सकण्ड पहुंचकर मौके का निरीक्षण किया है। टीम ने सड़क निर्माण से जुड़ी आवश्यक प्रक्रियाओं को शुरू कर दिया है और ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि तीन महीने के भीतर निर्माण कार्य को गति दी जाएगी। इस त्वरित कार्रवाई पर ग्राम प्रधान शिवानी चौधरी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की सक्रियता से अब ग्रामीणों को राहत मिलेगी और गांव तक सड़क पहुंचने का मार्ग प्रशस्त होगा।

