सऊदी अरब के एयर डिफेंस सिस्टम ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए मक्का के दक्षिण में एक हूती ड्रोन को सफलतापूर्वक मार गिराया है। सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने पुष्टि की है कि ड्रोन को मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही इंटरसेप्ट कर लिया गया था। इस घटना के तुरंत बाद सऊदी अरब के कई प्रमुख शहरों, जिनमें मक्का भी शामिल है, में उच्च स्तर का सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया गया है।
सैन्य गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि इस्लाम के सबसे पवित्र स्थलों और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सऊदी अरब के लिए एक ‘रेड लाइन’ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गठबंधन हूतियों के खिलाफ भविष्य में भी जरूरी निवारक कदम उठाता रहेगा। अल-मलिकी ने यह भी उल्लेख किया कि यह मक्का को निशाना बनाने का हूतियों का दूसरा प्रयास है; इससे पहले जुलाई 2017 में भी बैलिस्टिक मिसाइल हमले का आरोप लगाया गया था। इसके विपरीत, हूती विद्रोहियों की समाचार एजेंसी SABA ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है और कहा है कि मक्का या अन्य किसी भी पवित्र स्थल के लिए उनका कोई खतरा नहीं है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब ईरान समर्थित लड़ाकों के हमलों के कारण सऊदी अरब का क्षेत्रीय संघर्ष में प्रभाव बढ़ गया है। हूतियों की बढ़ती सक्रियता से न केवल हवाई सुरक्षा बल्कि महत्वपूर्ण तेल निर्यात मार्गों पर भी जोखिम पैदा हो गया है, जिसके कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बजाय वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल किया जा रहा है। हाल ही में हूतियों ने एक सऊदी एयरबेस पर हमले का दावा भी किया था, जिसे उन्होंने यमन पर हुए हवाई हमलों का जवाब बताया। फिलहाल, सऊदी प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने और धार्मिक स्थलों की अभेद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।

