गुड़गांव हादसा: क्या सड़कें महिला राइडर्स के लिए सुरक्षित हैं?
गुड़गांव के पॉश इलाके गोल्फ कोर्स रोड पर रविवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे ने महिला राइडर्स की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। महिला बाइकर शिवानी चौहान, जिन्हें प्यार से ‘सिया’ कहा जाता है, एक तेज रफ्तार कार की चपेट में आ गईं। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दिल्ली-एनसीआर की महिला राइडर्स और साइकलिस्टों में भारी आक्रोश है। सिया का कहना है कि यदि उन्होंने सही समय पर सेफ्टी गियर्स जैसे राइडिंग शूज़ और ग्लव्स नहीं पहने होते, तो परिणाम बहुत भयावह हो सकता था। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह महज एक दुर्घटना नहीं, बल्कि एक जानलेवा हमला था, क्योंकि महज कुछ सेकंड का अंतर उनकी जान ले सकता था।
इस घटना ने सड़क पर महिलाओं के साथ होने वाले व्यवहार की एक गहरी समस्या को उजागर किया है। दिल्ली से कश्मीर तक का सफर तय कर चुकीं राइडर सहर हाशमी ने बताया कि सड़कों पर असुरक्षा का माहौल हर जगह बना रहता है। वहीं, बाइकर सीमा डोरा का अनुभव बेहद चौंकाने वाला है; उनका कहना है कि जैसे ही कोई महिला राइडर हेलमेट उतारती है, लोग उन्हें परेशान करना शुरू कर देते हैं। सीमा के अनुसार, कई बार जानबूझकर बाइक को डिवाइडर के पास धकेला जाता है या खतरनाक तरीके से ओवरटेक किया जाता है। इसी तरह, साइकलिस्ट नेहा रायजादा ने भी सड़क पर साइकल्स के प्रति ड्राइवरों की संवेदनशीलता की कमी पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि गाड़ियां अक्सर साइकल्स के बेहद करीब से निकलती हैं, जिससे संतुलन बिगड़ना और दुर्घटना होना तय हो जाता है।
फिलहाल, पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और आरोपी को राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया गया है। सिया के पिता, रोशन चौहान ने इस घटना को ‘हत्या की कोशिश’ करार देते हुए कानूनी लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया है। यह मामला केवल एक व्यक्तिगत दुर्घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सार्वजनिक सड़कों पर निगरानी (Surveillance), सख्त कानून और लोगों के व्यवहार में बदलाव की तत्काल आवश्यकता को दर्शाता है। महिला राइडर्स का स्पष्ट संदेश है कि वे डर के कारण अपनी रफ्तार और शौक को नहीं छोड़ेंगी, लेकिन प्रशासन को उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।

