उत्तराखंड में मानसून के बाद खनन गतिविधियों पर टिकी निगाहें; राजस्व के नए कीर्तिमान रचने की तैयारी में खनन विभाग

उत्तराखंड में मानसून के बाद खनन गतिविधियों पर टिकी निगाहें; राजस्व के नए कीर्तिमान रचने की तैयारी में खनन विभाग

मानसून के कारण खनन गतिविधियों में आई सुस्ती, पर राजस्व को लेकर उत्साह बरकरार

उत्तराखंड में मानसून की दस्तक के साथ ही नदियों से होने वाली खनिज निकासी (mineral extraction) की गतिविधियों में फिलहाल कमी देखी जा रही है। बारिश और बढ़ते जलस्तर के कारण सुरक्षा और पर्यावरणीय कारणों से नदियों में खनन कार्यों को सीमित कर दिया गया है। हालांकि, यह ठहराव केवल अस्थायी है, क्योंकि खनन विभाग की पूरी नजर अब मानसून के बाद शुरू होने वाली गतिविधियों पर टिकी है। विभाग का मानना है कि जैसे ही मौसम साफ होगा, खनन कार्य फिर से अपनी पूरी गति से शुरू हो जाएगा।

गौरतलब है कि पिछले वित्तीय वर्ष (financial year) में उत्तराखंड के खनन विभाग ने शानदार प्रदर्शन किया था। विभाग ने न केवल अपने निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त किया, बल्कि तय किए गए राजस्व लक्ष्य से कहीं अधिक आय अर्जित की थी। इस सफलता ने विभाग के आत्मविश्वास को बढ़ाया है। अब, विभाग की रणनीति इस मानसून के बाद के सीजन को प्रभावी ढंग से भुनाने की है, ताकि राजस्व के मामले में पिछले सभी रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ा जा सके।

आगामी महीनों के लिए विभाग की योजनाएं काफी व्यापक हैं। मानसून के बाद होने वाली तीव्र गतिविधियों से राज्य के राजस्व में भारी वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मानसून के बाद खनिजों की मांग और उपलब्धता दोनों में सुधार होने की संभावना है, जिससे राजस्व के एक नए कीर्तिमान (record) की स्थापना हो सकती है। वर्तमान में, विभाग केवल मौसम के अनुकूल होने का इंतजार कर रहा है ताकि बिना किसी बाधा के परिचालन (operations) को सुचारू रूप से शुरू किया जा सके।