उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने के बीच सहसपुर विधानसभा सीट को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत के तेवर और मुखर हो गए हैं। हरक सिंह रावत ने सहसपुर से चुनाव लड़ने की अपनी तैयारी के संकेत देते हुए मुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को इसी सीट से चुनाव मैदान में उतरने की चुनौती दी है।
रविवार को मीडिया से बातचीत में डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि वह सहसपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की ओर से उनके खिलाफ झूठा प्रचार किया जा रहा है और उनके खिलाफ बयान देने के लिए ऐसे लोगों को आगे किया जा रहा है, जो उनके अनुसार खुद प्रधान का चुनाव भी नहीं जीत सकते।
हरक सिंह रावत ने कहा कि यदि भाजपा नेतृत्व को उन पर भरोसा है तो मुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सहसपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़कर दिखाएं। उनके इस बयान के बाद सहसपुर सीट को लेकर राजनीतिक चर्चा और तेज हो गई है।
टिकट पर हाईकमान के फैसले को बताया अंतिम
हालांकि अपनी दावेदारी के बीच हरक सिंह रावत ने यह भी स्पष्ट किया कि अभी कांग्रेस में किसी भी उम्मीदवार का टिकट अंतिम रूप से तय नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रत्याशी का अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान करेगा और जिसे भी पार्टी टिकट देगी, कांग्रेस के सभी कार्यकर्ता उसकी जीत के लिए मिलकर काम करेंगे।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए उम्मीदवार का चेहरा सबसे महत्वपूर्ण नहीं होना चाहिए। उनके मुताबिक चुनाव में पार्टी का चुनाव निशान ही सबसे अहम है और कार्यकर्ताओं को कांग्रेस की जीत के लिए एकजुट होकर काम करना चाहिए।
सहसपुर में पहले से सक्रिय हैं हरक
हरक सिंह रावत पिछले कुछ समय से सहसपुर विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय नजर आ रहे हैं। सितंबर में उन्होंने क्षेत्र में जनसंपर्क अभियान के दौरान स्थानीय लोगों से संवाद किया और जनसमस्याओं को प्राथमिकता से उठाने की बात कही थी।
इससे पहले भी वह सहसपुर और अन्य मैदानी विधानसभा सीटों से चुनाव लड़ने की संभावना के संकेत दे चुके हैं। अगस्त में उन्होंने कहा था कि उनका मुख्य उद्देश्य व्यक्तिगत रूप से चुनाव लड़ना या विधायक बनना नहीं, बल्कि उत्तराखंड में कांग्रेस की सरकार बनाना है। उन्होंने यह भी कहा था कि यदि पार्टी को लगता है कि कोई दूसरा उम्मीदवार उनसे बेहतर तरीके से चुनाव जीत सकता है तो हाईकमान को उसे टिकट देना चाहिए।
अब सहसपुर से चुनाव लड़ने की उनकी स्पष्ट तैयारी और भाजपा नेताओं को दी गई चुनौती ने 2027 विधानसभा चुनाव से पहले इस सीट को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। हालांकि कांग्रेस की ओर से सहसपुर सीट पर अंतिम प्रत्याशी की घोषणा अभी नहीं हुई है।

