CM धामी का कड़ा निर्देश: जनशिकायतों पर लेशमात्र भी ढिलाई नहीं, डीएम करेंगे तहसीलों का औचक निरीक्षण; 15 दिन में पेयजल ऑडिट रिपोर्ट अनिवार्य

CM धामी का कड़ा निर्देश: जनशिकायतों पर लेशमात्र भी ढिलाई नहीं, डीएम करेंगे तहसीलों का औचक निरीक्षण; 15 दिन में पेयजल ऑडिट रिपोर्ट अनिवार्य

जनसेवा व्यवस्था की गहन समीक्षा: CM धामी ने दिए कड़े निर्देश

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी ने राज्य की नागरिक सुविधाओं और जनशिकायत निवारण तंत्र की विस्तृत समीक्षा की है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रशासन को किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीएम हेल्पलाइन के कामकाज की समीक्षा के दौरान, उन्होंने ज़िलाधिकारियों (DM) को निर्देशित किया है कि वे अपने अधिकार क्षेत्र की तहसीलों का नियमित रूप से, और विशेष रूप से औचक निरीक्षण (surprise inspection) करें। यह कदम जमीनी स्तर पर प्रशासन की कार्यप्रणाली को मजबूत और जवाबदेह बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

सीएम धामी ने निर्देश दिए कि जिस भी जिले में शिकायतों का भार अधिक है, वहां के जिला प्रशासन को हर विभागवार (department-wise) शिकायतों की गहन समीक्षा करनी चाहिए। उनका कहना है कि केवल शिकायतों को दर्ज करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह समझना आवश्यक है कि एक ही प्रकार की शिकायतें बार-बार क्यों आ रही हैं। प्रशासन को शिकायतों के मूल कारणों (root causes) का व्यापक विश्लेषण करना होगा, ताकि उन व्यवस्थागत कमियों को दूर किया जा सके जो शिकायतें पैदा कर रही हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने एक अत्यंत महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए कहा कि पेयजल की ऑडिट रिपोर्ट को अगले 15 दिनों के भीतर प्रस्तुत किया जाना अनिवार्य है, जिससे राज्य में जल आपूर्ति की गुणवत्ता और उपलब्धता का एक स्पष्ट खाका तैयार हो सके।

यह संपूर्ण समीक्षा राज्य में ‘जवाबदेही’ और ‘शीघ्र क्रियान्वयन’ के सिद्धांतों पर आधारित है। मुख्यमंत्री ने व्यवस्थागत सुधार पर जोर देते हुए कहा कि प्रशासन को शिकायतों को केवल ‘क्लोज’ नहीं करना है, बल्कि नागरिकों को एक बेहतर और निर्बाध अनुभव (seamless experience) प्रदान करना है। यह निर्देश न केवल प्रशासनिक अधिकारियों के लिए एक चेकलिस्ट है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि राज्य सरकार जनसेवा की गुणवत्ता में अभूतपूर्व सुधार लाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस कड़े एक्शन प्लान से उम्मीद है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और बिना किसी रुकावट के लाभार्थियों तक पहुंचेगा, जिससे नागरिकों का भरोसा प्रशासन पर बढ़ेगा।