उत्तराखंड में आज जारी होगी अंतिम मतदाता सूची, एसआईआर के बाद सामने आएगी मतदाताओं की नई संख्या

उत्तराखंड में आज जारी होगी अंतिम मतदाता सूची, एसआईआर के बाद सामने आएगी मतदाताओं की नई संख्या

उत्तराखंड में चुनाव आयोग की ओर से चलाया गया विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर (Special Intensive Revision) अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। शनिवार, 3 अक्तूबर को प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी। इसके साथ ही यह स्पष्ट हो जाएगा कि एसआईआर की पूरी प्रक्रिया के बाद राज्य में कुल कितने मतदाता सूची में शामिल हैं।

एसआईआर के दौरान जिन मतदाताओं के नाम अंतिम सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं, उन्हें दोबारा मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने का अवसर दिया जाएगा। ऐसे मतदाता फॉर्म-6 भरकर अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसी तरह नए पात्र मतदाताओं के लिए भी फॉर्म-6 के माध्यम से मतदाता बनने का रास्ता खुला रहेगा।

जून में शुरू हुआ था एसआईआर

चुनाव आयोग ने उत्तराखंड में 8 जून से विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया शुरू की थी। इसके तहत मतदाताओं को गणना प्रपत्र उपलब्ध कराए गए थे। इन प्रपत्रों को भरकर जमा करने की अंतिम तारीख 7 जुलाई निर्धारित की गई थी।

इसके बाद चुनाव आयोग ने 14 जुलाई को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की। ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद मतदाताओं और संबंधित पक्षों को अपने नाम तथा विवरण की जांच करने और किसी प्रकार की गलती या आपत्ति होने पर उसे दर्ज कराने का अवसर दिया गया।

14 जुलाई से 13 अगस्त तक दावे और आपत्तियां दाखिल की गईं। इसके बाद 10 जुलाई से 28 सितंबर तक दावों और आपत्तियों की सुनवाई तथा उनके निस्तारण की प्रक्रिया चली।

पांच जिलों के सत्यापन के चलते बदली तारीख

पहले अंतिम मतदाता सूची जारी करने की तारीख 15 सितंबर तय की गई थी। हालांकि, उत्तराखंड के पांच जिलों में सीमावर्ती उत्तर प्रदेश के जिलों से जुड़े मतदाताओं के सत्यापन की प्रक्रिया के कारण अंतिम सूची जारी करने की तारीख में बदलाव किया गया।

अब चुनाव आयोग की ओर से 3 अक्तूबर को अंतिम मतदाता सूची जारी की जा रही है। इसके बाद राज्य में एसआईआर के बाद मतदाताओं की वास्तविक संख्या भी सामने आ जाएगी।

84 लाख से घटकर 71 लाख हुई थी संख्या

एसआईआर की प्रक्रिया शुरू होने से पहले प्रदेश में करीब 79 लाख मतदाता बताए गए थे, जबकि प्री-एसआईआर चरण में मतदाताओं की संख्या करीब 84 लाख थी। वहीं, 14 जुलाई को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में यह संख्या घटकर करीब 71 लाख रह गई थी।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि दावे-आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम मतदाता सूची में प्रदेश के कुल कितने मतदाता शामिल होते हैं। शनिवार को सूची जारी होने के साथ ही इस पर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी।

छूटे मतदाताओं को मिलेगा दोबारा मौका

एसआईआर के दौरान यदि किसी पात्र मतदाता का नाम अंतिम सूची में शामिल नहीं हो पाया है, तो उसके लिए प्रक्रिया पूरी तरह बंद नहीं होगी। ऐसे मतदाता निर्धारित प्रक्रिया के तहत फॉर्म-6 भरकर मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे।

इससे उन लोगों को भी राहत मिलेगी जो पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान किसी कारण से अपना गणना प्रपत्र जमा नहीं कर पाए या जिनका नाम अंतिम सूची में शामिल नहीं हो सका। नए पात्र नागरिक भी फॉर्म-6 के माध्यम से मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे।