बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा पर NCPCR का कड़ा प्रहार: मेटा इंडिया के एमडी फिर तलब, कल होगी बड़ी सुनवाई

बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा पर NCPCR का कड़ा प्रहार: मेटा इंडिया के एमडी फिर तलब, कल होगी बड़ी सुनवाई

डिजिटल सुरक्षा को लेकर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने अपना रुख बेहद सख्त कर लिया है। बच्चों के यौन शोषण और दुर्व्यवहार से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री वाले विज्ञापनों के मामले में आयोग ने मेटा इंडिया (Meta India) के प्रबंध निदेशक (MD) को दोबारा तलब किया है। इस गंभीर मामले की अगली सुनवाई कल, यानी 16 सितंबर को होने जा रही है, जिसमें कंपनी की जवाबदेही तय होने की उम्मीद है।

इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि की बात करें तो, NCPCR ने 3 जुलाई को मेटा को एक नोटिस जारी कर विज्ञापनों में दिखाई गई सामग्री पर विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा था। मेटा ने लगभग एक सप्ताह के बाद आयोग को अपना जवाब भेजा, लेकिन आयोग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक औपचारिक जांच (Formal Investigation) शुरू करने का निर्णय लिया। आयोग अब यह सुनिश्चित करना चाहता है कि इन विज्ञापनों के पीछे की सच्चाई क्या है और इस प्रकार की संवेदनशील सामग्री को प्लेटफॉर्म पर प्रसारित करने में कंपनी की क्या भूमिका रही है।

आयोग की इस निरंतर कार्रवाई का असर मेटा की नीतियों पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। सूत्रों के अनुसार, मेटा ने अब बच्चों से जुड़े ऑनलाइन अपराधों की रोकथाम के लिए भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (14C) को रिपोर्ट करना शुरू कर दिया है। इसके साथ ही, NCPCR ने बेंगलुरु के एक अन्य संवेदनशील मामले में भी कार्रवाई तेज कर दी है, जहां कैपजेमिनी (Capgemini) द्वारा संचालित एक डे-केयर सेंटर में बच्चों के कथित शोषण की शिकायत मिली है। इस मामले में जिम्मेदारी तय करने के लिए आयोग ने कैपजेमिनी के उपाध्यक्ष को भी 16 सितंबर को पेश होने का आदेश दिया है। आयोग का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या बच्चों की सुरक्षा से जुड़े नियमों का उल्लंघन हुआ है और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।