भारत और अमेरिका की जॉइंट मिलिट्री एक्सरसाइज ‘युद्ध अभ्यास’ शुरू, उत्तराखंड और राजस्थान के इलाके में हो रही एक्सरसाइज

भारत और अमेरिका की जॉइंट मिलिट्री एक्सरसाइज ‘युद्ध अभ्यास’ शुरू, उत्तराखंड और राजस्थान के इलाके में हो रही एक्सरसाइज

उत्तराखंड के औली और राजस्थान के महाजन में भारत-अमेरिका का संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘युद्ध अभ्यास’ शुरू हुआ है।

नई दिल्ली: भारत-अमेरिका के बीच जॉइंट मिलिट्री एक्सरसाइज ‘युद्ध अभ्यास’ उत्तराखंड के औली फॉरेन ट्रेनिंग नोड में और राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में शुरू हुई। इस युद्धाभ्यास में दोनों देशों के 600-600 सैनिक हिस्सा ले रहे हैं।

दोनों सेनाओं की सैन्य क्षमता को बढ़ाना

इस सैन्य अभ्यास का मकसद पहाड़ी और अर्ध-पहाड़ी इलाकों में इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स (IBG) के इस्तेमाल के लिए दोनों सेनाओं की सैन्य क्षमता को बढ़ाना है। इसमें खास तौर पर इन्फैंट्री आधारित सैन्य अभियानों पर फोकस किया जाएगा। अभ्यास से दोनों सेनाओं को एक-दूसरे के बेहतर सैन्य तौर-तरीकों को समझने और साझा करने में मदद मिलेगी। साथ ही जॉइंट प्लानिंग करने और उसे जमीन पर लागू करने की क्षमता भी मजबूत होगी।

आधुनिक हथियार प्रणालियों का किया जाएगा प्रदर्शन

इस अभ्यास में नई तकनीक के इस्तेमाल पर खास जोर दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान निगरानी और टोह लेने के लिए ड्रोन और ऑटोनॉमस सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा। साथ ही महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में आधुनिक हथियार प्रणालियों का प्रदर्शन भी किया जाएगा और लाइव-फायर एक्सरसाइज की जाएगी। ये एक्सरसाइज दो हफ्तों तक चलेगी।

‘आर्कटिक एंजल्स’ के सैनिक भी शामिल

इस एक्सरसाइज में अमेरिकी टीम में 11वीं एयरबोर्न डिविजन ‘आर्कटिक एंजल्स’ के सैनिक भी शामिल हैं। एक्सरसाइज में पहाड़ों में युद्ध और ठंडे मौसम में सैन्य अभियान की ट्रेनिंग भी दी जाएगी।

दोनों देशों के बीच मजबूत हो रहा भरोसा

अमेरिका की 11वीं एयरबोर्न डिविजन की फर्स्ट मोबाइल ब्रिगेड कॉम्बेट टीम के कमांडर कर्नल बेन जैकमैन ने कहा कि युद्ध अभ्यास हमारे सैनिकों को अमेरिका और भारतीय सेना के बीच आपसी सैन्य तैयारी, सहयोग और तालमेल बढ़ाने का अवसर देता है। भारतीय सेना के साथ मिलकर ट्रेनिंग करने से दोनों देशों के बीच भरोसा मजबूत हो रहा है और युद्ध के दौरान मिलकर काम करने की क्षमता बढ़ रही है।

हर साल होने वाली जॉइंट मिलिट्री एक्सरसाइज

भारतीय सेना के 14वीं इन्फैंट्री डिविजन के जीओसी मेजर जनरल अमरेश गुंजन ने कहा कि युद्ध अभ्यास हमें मल्टी-डोमेन ऑपरेशन के पूरे दायरे में रणनीति, तकनीक और प्रक्रियाओं को साझा करने का मंच देता है। इसमें महाजन में सटीक फायरिंग से लेकर औली में पहाड़ी युद्ध तक शामिल है। इससे दोनों सेनाओं के बीच संबंध मजबूत होते हैं और हमें किसी भी परिस्थिति में मिलकर सफलता हासिल करने के लिए तैयार किया जाता है। युद्ध अभ्यास हर साल होने वाली भारत-अमेरिका की जॉइंट मिलिट्री एक्सरसाइज है।

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