पंजाब की राजनीति में गरमाहट: पड़ोसी राज्यों के दिग्गजों ने संभाला मोर्चा, किसका होगा चुनावी दांव सफल?

पंजाब की राजनीति में गरमाहट: पड़ोसी राज्यों के दिग्गजों ने संभाला मोर्चा, किसका होगा चुनावी दांव सफल?

🔥 सियासी रणक्षेत्र गर्म: पंजाब में नेताओं का हाई-वोल्टेज ड्रामा

जैसे-जैसे पंजाब में चुनावी माहौल गरमाता जा रहा है, न केवल स्थानीय नेता बल्कि पड़ोसी राज्यों के दिग्गज राजनीतिक चेहरे भी इस राज्य की राजनीति में सक्रिय हो गए हैं। भाजपा ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी को मैदान में उतारा है, कांग्रेस ने सचिन पायलट को कमान सौंपी है, वहीं आम आदमी पार्टी (AAP) अपनी रणनीतिक पकड़ मजबूत कर रही है। इन शीर्ष नेताओं की बढ़ती भागीदारी ने प्रदेश की सियासी हलचल को चरम पर पहुंचा दिया है।

🛡️ भाजपा का व्यापक दायरा: नायब सैनी के चुनावी दांव

भारतीय जनता पार्टी (BJP) की तरफ से हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी लगातार पंजाब के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं और जमीनी स्तर पर नेताओं एवं कार्यकर्ताओं से संवाद स्थापित कर रहे हैं। सैनी ने पिछले कुछ समय में पंजाब भाजपा को कई महत्वपूर्ण हस्तियों से जोड़ा है। उनका मुख्य फोकस उन विधानसभा सीटों पर है जो हरियाणा सीमा से सटी हुई हैं, जैसे फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला, संगरूर और लुधियाना जिले के क्षेत्र। इन जिलों में 38 से अधिक सीटें शामिल हैं, जहां भाजपा बड़ा उलटफेर करने की उम्मीद लगाए बैठी है।

सैनी ने हिंदू बहुल और शहरी क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया है, जिसके चलते उन्होंने तख्त श्री केशगढ़ साहिब के भी दर्शन किए। इसके अतिरिक्त, उनका मुलाकातें अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह से हुईं, साथ ही उन्होंने पंजाब के कई सरपंचों और डेराबस्सी व पटियाला जैसे महत्वपूर्ण हलकों में समारोहों में हिस्सा लिया है। इसी बीच, पंजाब भाजपा के नए प्रभारी डॉ. सतीश पूनिया (जो राजस्थान से जुड़े हैं) ने भी बैठकों का सिलसिला शुरू कर दिया है और नशा मुक्ति अभियान की तैयारियों को मजबूत करने में जुट गए हैं।

🤝 कांग्रेस की रणनीति: गुटबाजी खत्म करना सर्वोपरि

कांग्रेस हाईकमान के लिए इस चुनाव से पहले पार्टी के भीतर फैले मतभेदों (गुटबाजी) को समाप्त करना सबसे बड़ी चुनौती है। इसी उद्देश्य को साधने के लिए पार्टी ने सचिन पायलट को विशेष जिम्मेदारी दी है, जिन्हें पंजाब कांग्रेस का प्रभारी बनाया गया है। उनका 15 सितंबर को पंजाब दौरा निर्धारित है, जहां वह चंडीगढ़ में एक प्रदर्शन का नेतृत्व भी करेंगे।

दरअसल, गुलजार सिंह की मृत्यु प्रकरण को लेकर कांग्रेस और AAP सरकार पर नशाखोरी के मुद्दे पर घेरने की तैयारी चल रही है। इस विरोध प्रदर्शन के माध्यम से पायलट ने सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखी है और सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाना शुरू कर दिया है।

📢 आम आदमी पार्टी (AAP) का हमलावर रुख

आप के शीर्ष नेतृत्व ने भी सक्रियता बढ़ा दी है। AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल धार्मिक आयोजनों में प्रदेश में उपस्थित हो चुके हैं और आगामी दिनों में बड़े समारोहों में शामिल होने की तैयारी में हैं। राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा, जो हरियाणा से आते हैं, पंजाब के राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर बोल रहे हैं। हाल ही में, जब राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम एसआईआर सूची से हटाए जाने की बात सामने आई, तो ढांडा ने भाजपा केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि नियमों को ताक पर रखकर चुनाव आयोग द्वारा नामों को मनमाने ढंग से जोड़ा या हटाया जा रहा है।